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वैशाख पूर्णिमा व्रत 2019 – सत्यविनायक पूर्णिमा, व्रत, पूजा-विधि और महत्व

vaishakhi vrat vidhi

शास्त्रों में वैशाख मास को बहुत ही पवित्र मास कहा गया है। इस मास जो भी त्यौहार आते है वो आपने आप में ख़ास होते है। बौद्ध धर्म में आस्था रखने वाले लोगों के लिए यह दिन बहुत ही पवित्र होता है, आज ही के दिन गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था इसलिए इस दिन को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी लोग जानते है |

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वैशाख पूर्णिमा का महत्व

हिन्दू तथा बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए वैशाख पूर्णिमा अर्थात बुद्ध पूर्णिमा, बुद्ध जयंती का अपना विशेष महत्व है। इस दिन गौतम बुद्ध का जन्म दिन मनाया जाता है, बौद्ध धर्म के अनुयायी इस दिन को किसी उत्सव की तरह बड़े ही धूमधाम से मनाते है। भगवान बुद्ध को विष्णु भगवान का नवां अवतार बताया गया है, इसलिए हिन्दू धर्म के अनुयायियों के लिए भी इस दिन का अधिक महत्व है। इस दिन को गौतम बुद्ध के निर्वाण दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

इसी कारण बिहार स्थित बोधगया नामक पवित्र स्थान हिन्दू व बौद्ध धर्म के लोगों का पवित्र तीर्थ स्थान है। गृह त्यागने के बाद भगवान वन में भटकने लगे, सात वर्ष तक वे वन में भटकते रहे। यहाँ बोधगया में उन्होंने कठोर तप किया और अंततः वैशाख पूर्णिमा के पावन दिन बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे उन्हें बुद्धत्व ज्ञान की प्राप्ति हुई। तभी से वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है।

वैशाख पूर्णिमा के दिन रखे सत्य विनायक व्रत

इस दिन सत्य विनायक का व्रत रखने से गरीबी से मुक्ति मिलती है, निर्धन लोग धनवान बनते है, कहते है हिन्दू लोग इस व्रत को पूरी श्रद्धा के साथ रखते है। दरिद्रता को दूर करने वाले इस व्रत का सम्बन्ध कृष्ण भगवान से है। मान्यता है की अपने बचपन के मित्र से मिलने तथा मदद के लिए आये ब्राह्मण सुदामा को भगवान श्री कृष्ण ने इस व्रत का विधान बताया था। इस व्रत के पश्चात सुदामा की गरीबी दूर हुई थी। ऐसी भी मान्यता है की जो लोग श्रद्धा पूर्वक इस व्रत को रखते है, उनको अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता।

वैशाख पूर्णिमा व्रत एवं पूजा विधि

इस दिन स्नान का विशेष महत्व होता है, लोग तीर्थ स्थानों पर जाकर स्नान आदि करना पुण्य कमाने जितना मानते है।

इस दिन सत्य विनायक का व्रत भी रखा जाता है। इस व्रत को करने से धर्मराज प्रसन्न होते है। इस दिन दान आदि का बहुत महत्व होता है, गरीबों को दान में जल से भरे घड़े सहित पकवान, मिष्ठान आदि का दान करना लाभदायक होता है।

वैदिक एवं हिन्दू पंचांग 2019

व्रती को पूर्णिमा के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद व्रत का संकल्प लेकर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। रात्री के समय दीप, धूप, पुष्प, अन्न, मिष्ठान्न, गुड, आदि से पूर्ण चंद्रमा की पूजा करनी चाहिए, उसके बाद किसी योग्य ब्राह्मण को जल से भरा घड़ा देना चाहिए ब्राह्मण या किसी भी गरीब जरूरतमंद को भोजन करवाने के पश्चात ही स्वयं अन्न ग्रहण करना चाहिए अपने सामर्थ्य के अनुसार दान करना चाहिए।

वैशाख पूर्णिमा 2019 तिथि मुहूर्त

वर्ष 2019 में वैशाख पूर्णिमा 18 मई शनिवार को है।

पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ- 04.10 बजे (18 मई)

पूर्णिमा तिथि समाप्त -02.41 बजे (19 मई)

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