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विवाह में देरी या विलम्ब से है आप परेशान, जानें कारण और करें …

विवाह में देरी या विलम्ब से है आप परेशान, जानें कारण और करें ...

ज्योतिषविदों के अनुसार कुंडली में स्थित सातवाँ घर बताता है कि आपकी शादी किस उम्र में होगी। लेकिन क्या आप जानते है कि जातक की कुंडली में मौजूद ग्रहों की दशा से व्यक्ति के विवाह को लेकर पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। शादी के लिए दशा कौन सी उपयुक्त रहेगी जहाँ प्रयास करने पर जल्दी शादी हो सके।

Vivah me deri ke upay

भारतीय संस्कृति में 16 संस्कारों में विवाह संस्कार भी आता है, जो बहुत ही अहम और महत्वपूर्ण होता है। कई बार शादी नहीं होती और कई बार शादी के बाद सम्बन्ध खराब होकर अलगाव उत्पन्न हो जाता है, यह सब ग्रहों की अशुभ दृष्टि तथा ग्रहों के निर्बलता के कारण होता है। कुल मिलाकर जब एक से अधिक अशुभ ग्रहों का प्रभाव सातवें घर पर हो तो विवाह में विलम्ब होता है।

अशुभ ग्रहों के कारण विवाह में बाधा कैसे आती है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कुंडली में सप्तम भाव की दशा या फिर अन्तर्दशा, सातवें भाव में स्थित ग्रहों की दशा या अन्तर्दशा या सातवें भाव को देखने वाले ग्रहों की दशा तथा अन्तर्दशा हो, या फिर छठे घर से सम्बंधित दशा या अन्तर्दशा चल रही हो विवाह में निश्चित रूप से विलम्ब होता है या फिर रुकावटें उत्पन्न होती है।

आइये जानते विवाह में बाधक ग्रहों के बारें में

• ज्योतिष शास्त्र के अनुसार छठा तथा दसवां घर विवाह में रूकावटे उत्पन्न करता है। • सुखी वैवाहिक जीवन के लिए 12 वां तथा 11 वां भाव शुभ होना जरुरी होता है अन्यथा शादी में रूकावटे आती है। • शुक्र, बुध, गुरु और चन्द्र ये शुभ ग्रह है, इनमे से कोई एक भी यदि सातवें घर में बैठा हो तो शादी में आने वाली रुकावटें समाप्त हो जाती है। • यदि शुक्र, गुरु या चन्द्र आपकी कुंडली के सातवें घर में हैं तो 24-25 की उम्र में शादी होने की सम्भावना रहती है, अन्यथा शादी में विलम्ब होता है। • गुरु सातवें घर में हो तो शादी 25 की उम्र तक हो जाती है। गुरु पर सूर्य या मंगल का प्रभाव हो तो एक साल या डेढ़ साल का विलम्ब हो सकता है और यदि राहू या शनि का प्रभाव हो तो 2 से 3 साल तक का विलम्ब होता है। • चन्द्र सातवें घर में हो और उस पर मंगल, सूर्य में से किसी एक का प्रभाव हो तो शादी 26-27 साल की उम्र में होने के योग बनते है। • शुक्र सप्तम हो और उस पर मंगल, सूर्य का प्रभाव हो तो शादी में दो तीन साल का विलम्ब होता है, इसी तरह शुक्र पर शनि का प्रभाव होने पर एक साल और राहू का प्रभाव होने पर शादी में दो साल का विलम्ब होता। • मंगल, राहू तथा केतु में से कोई एक यदि सातवें घर में हो तो शादी में विलम्ब होता है। राहू के यहाँ होने से आसानी से विवाह नहीं होता विवाह में बाधाएं जरुर आती है। इसी तरह अगर केतु सातवें घर में हो तो शादी में अडचने पैदा होती है। • शनि, मंगल, शनि राहू, मंगल राहू, या शनि सूर्य या सूर्य मंगल, सूर्य राहू, एकसाथ सातवें घर या आठवें घर में हो तो विवाह में विलम्ब की सम्भावना बनी रहती है। • शनि सातवें घर में हो तब भी विवाह में विलंब होता है। • मांगलिक होना भी विवाह में विलम्ब का कारण होता है। आमतौर पर देखा गया है जो लोग मांगलिक होते है उनका विवाह आयु के 27, 29, 31, 33 तथा 37 वर्ष में होता है। आइए जानते है विवाह के कारक ग्रह कौन से होते है • सप्तम भाव विवाह का कारक भाव होता है, इस पर शुभ ग्रहों तथा गुरु शुक्र की दृष्टि हो तो शादी जल्दी होती है। • सप्तम भाव का स्वामी केंद्र अथवा त्रिकोण में स्थित हो। सप्तमेश लग्न में या लग्नेश सप्तम में हो। • सप्तमेश ग्यारहवें भाव में हो या सप्तमेश उच्च होकर लग्नेश से युति बना रहा हो तो विवाह शीघ्र होता है। • नवमेश सप्तमेश हो और सप्तमेश नवम भाव में हो तो शादी जल्दी होती है। सप्तम भाव के कारक ग्रहों की शुक्र पर अशुभ दृष्टि या युति न हो तथा शुक्र ग्रह केंद्र या त्रिकोण भाव में स्थित हो तो विवाह जल्दी होता है।

जल्द विवाह के कुछ उपाय

पारद शिवलिंग की पूजा

जिन जातकों के विवाह में विलम्ब हो रहा है या जिनकी शादी में रुकावटें आ रही हो उनको पारद शिवलिंग की पूजा जरुर करनी चाहिए। शिवलिंग भगवान शिव और मां पार्वती का अवतार यानि एकल रूप है। शिवलिंग के इस स्वशरूप को अत्यं त शुभ माना जाता है। पारद शिवलिंग की पूजा करने से व्यपक्तिव के विवाह में आनेवाली बाधाएं शीघ्र ही समाप्त हो जाती है।

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पारद लक्ष्मी-गणेश की पूजा करें

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहते है, जो भी जातक विवाह योग्य है तथा उनके विवाह में बाधाएं उत्पन्न हो रही है, ऐसे जातकों को लक्ष्मी गणेश की पूजा नियमित रूप से करनी चाहिए | ऐसा करने से विवाह में उत्पन्न बाधाएं समाप्त होती है और मनवांछित जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। इसके अलावा विवाह में आने वाली रुकावटों को दूर करने के लिए भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की ख़ास तौर पर गुरूवार के दिन एकसाथ पूजा करें। विवाह में बाधाएं उत्पन्न करनेवाले ग्रह गुरु, शनि और मंगल के उपाय जरुर करें।

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