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मनोकामनाओं की पूर्ति और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए धारण करें, दो मुखी रुद्राक्ष

मनोकामनाओं की पूर्ति और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए धारण करें, दो मुखी रुद्राक्ष

दो मुखी रुद्राक्ष को अर्धनारीश्वर का स्वरुप कहा गया है। इस रुद्राक्ष में साक्षात शिव-भगवान तथा देवी पार्वती का वास होता है। इसे देवेश्वर भी कहा जाता है। इस रुद्राक्ष को मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए धारण किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि रुद्राक्ष शिव का वरदान है, जो संसार के सभी सुखों को हासिल करने के लिए भगवान शिव ने इस धरती पर प्रकट किया है।

शिवपुराण के अनुसार ऐसा माना जाता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शंकर की आँखों के जलबिंदु से हुई है। प्राचीन समय से ही दो मुखी रुद्राक्ष सबसे श्रेष्ठ माना गया है। लोगों में ऐसी धारना है की प्रत्येक व्यक्ति को जीवन को सुखद तथा पापमुक्त बनाने के लिए अर्धनारीश्वर स्वरुप शिव और शक्ति के आशीर्वाद के रूप में दो मुखी रुद्राक्ष को जरुर धारण करना चाहिए। इसके प्रभाव से जीवन में सकारात्मक बदलाव के साथ साथ ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

कब धारण करें दो मुखी रुद्राक्ष

वैदिक ज्योतिष के अनुसार दो मुखी रुद्राक्ष का स्वामी चन्द्रमा है। यदि कुंडली में चन्द्रमा बलवान होकर भी शुभ प्रभाव नहीं दे रहा हो या कमजोर स्थिति में हो अथवा अस्त हो तो दोमुखी रुद्राक्ष को धारण करना लाभदायक होता है। अगर किसी जातक की कुंडली में किसी क्रूर ग्रह की दशा या अन्तर्दशा चल रही है तो भी दो मुखी रुद्राक्ष को पहनना उचित होता है। कर्क राशि के लोगों के लिए यह रुदाक्ष किसी वरदान से कम नहीं होता, इसलिए कर्क राशि के लोगों को यह दो मुखी रुद्राक्ष को अवश्य धारण करना चाहिए।

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दो मुखी रुद्राक्ष के लाभ

नेतृत्व क्षमता का निर्माण

इस रुद्राक्ष के प्रभाव से जातक के अंदर साहस और धैर्य की वृद्धि होती है, जातक मानसिक तनाव से मुक्त होकर आत्मविश्वास प्राप्त करता है। दो मुखी रुद्राक्ष को धारण करनेवाले व्यक्ति के अंदर शांति, धैर्य, चंचलता, शीतलता और नेतृत्व क्षमता का निर्माण होता है। इसे धारण करने के बाद व्यक्ति का भाग्योदय होता है। समाज में प्रसिद्धि मिलती है।

मानसिक शांति के लिए

इस रुद्राक्ष के प्रभाव से मस्तिष्क में गलत विचार उत्पन्न नहीं होते, व्यक्ति मानसिक शांति हेतु ईश्वर की शरण में जाता है। धार्मिक कार्य में रूचि बढ़ती है, जीवन सुखमय और आध्यात्म की ओर अग्रसर होता है। दो मुखी रुद्राक्ष को धारण करने के बाद धारण करने वाले व्यक्ति को मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। सभी इच्छाएँ पूर्ण होती हैं।

करियर की चिंता से मुक्ति

करियर बनाने में दो मुखी रुद्राक्ष अपने आप ही हमारा मार्ग प्रशस्त करता है, हमें मार्गदर्शन करता है। इस रुद्राक्ष को धारण करने वाला व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। इसे धारण करने के पश्चात करियर की चिंता से मुक्ति मिलती है, दो मुखी रुद्राक्ष करियर तथा व्यवसाय में सफलता दिलाने में सहायक होता है। सरकारी कार्यों में किसी तरह की रूकावटे आ रही हो तो, दो मुखी रुद्राक्ष के प्रभाव से वो रुकावटें अपने आप समाप्त हो जाती है।

कर्ज से मुक्ति

दो मुखी रुद्राक्ष के प्रभाव से मान सम्मान के साथ आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। जो लोग रुपए-पैसे की तंगी से जूझ रहे है तथा कर्ज जैसी स्थिति का सामना कर रहे है, उन्हें इस रुद्राक्ष के प्रभाव से कर्ज से निजात मिलती है, दो मुखी रुद्राक्ष में शिव तथा पार्वती की शक्ति समाहित होती है, जिनका लाभ को को मिलता है। इसलिए बिना संकोच इस रुद्राक्ष को अवश्य धारण करना चाहिए। दो मुखी रुद्राक्ष को धारण करने के बाद आय के नवीन स्रोत उपलब्ध होते है। कामकाज में अच्छे पैमाने पर लाभ होता है।

दाम्पत्य जीवन में रस भरने के लिए

दो मुखी रुद्राक्ष के प्रभाव से दाम्पत्य जीवन का भरपूर सुख मिलता है, पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ता है। परस्पर रिश्तों में जो भी अनबन है या जो जातक अपने दाम्पत्य जीवन से नाखुश है, पति-पत्नी के बीच वैचारिक मतभेद उत्पन्न हो रहे है, अलगाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है, तो ऐसे नाजुक समय का सामना करने से बचने के लिए तथा अपने दाम्पत्य जीवन में रस भरने के लिए दो मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए।

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