Saltar al contenido

द्वादश तिथि पर इस मूहर्त में करें अपने पितरों का श्राद्ध

द्वादश तिथि पर इस मूहर्त में करें अपने पितरों का श्राद्ध

इस बार द्वादशी और त्रयोदशी श्राद्ध एकसाथ 17 सितंबर को मनाया जाएगा। 17 सितंबर को दोपहर 2,42 तक द्वादशी श्राद्ध रहेगा और इसके बाद त्रयोदशी श्राद्ध शुरु हो जाएगा।

द्वादश तिथि पर मृत्‍यु होने वाले पूर्वजों और संबंधियों का श्राद्ध द्वादशी तिथि पर संपन्‍न किया जाता है। इसके अंतर्गत शुक्‍ल पक्ष और कृष्‍ण पक्ष द्वादशी को मृत्‍यु को प्राप्‍त हुए पूर्वजों का श्राद्ध करने का विधान है। संयास लेने वाले मृत परिजनों का भी द्वादश तिथि पर श्राद्ध किया जाता है।

द्वादश श्राद्ध 17 सितंबर, 2017 को है। द्वादश श्राद्ध को बारस श्राद्ध भी कहा जाता है।

Obtén Janam Kundali gratis

पितृ पक्ष श्राद्ध, पार्वण श्राद्ध है और इसे संपन्‍न करने का शुभ समय कुटुप मुहूर्त और रोहिणा है। मुहूर्त के शुरु होने के बाद आप अपराह्रन काल के खत्‍म होने के मध्‍य किसी भी समय श्राद्ध क्रिया संपन्‍न कर सकते हैं। श्राद्ध के अंत में तर्पण किया जाता है।

श्राद्ध का शुभ समय:

कुतुप मुहूर्त: 11,51 से 12,39

समयावधि: 47 मिनट

रोहिणा मुहूर्त: 12,39 से 13,28

समयावधि: 46 मिनट

अपराह्रन काल: 13,28 से 15,54

समयावधि: 2 घंटे 25 मिनट

द्वादश तिथि की शुरुआत: 16 सितंबर, 2017 को 16.30 बजे आरंभ

द्वादश तिथि का समापन: 17 सितंबर, 2017 को 14.42 बजे समाप्‍त

श्राद्ध के दिनों में करें पितृ दोष से मुक्‍ति पाने का ये उपाय

इस बार श्राद्ध पक्ष पर अपने पूर्वजों को प्रसन्‍न कर उनका आशीर्वाद जरूर लें।

इसके अलावा अगर आपके जीवन में पैसों से संबंधित कोई और परेशानी भी चल रही है या आप किसी अन्‍य मुसीबत की वजह से परेशान हैं तो बेझिझक हमसे कहें। AstroVidhi के अनुभवी ज्‍योतिषाचार्य आपकी हर मुश्किल का समाधान बताएंगें।

किसी भी जानकारी के लिए Llamada करें: 8882540540

ज्‍योतिष से संबधित अधिक जानकारी और दैनिक राशिफल पढने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को Me gusta और Seguir करें: Página de Facebook de AstroVidhi