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क्या आप जानते हैं किस श्राप की वजह से हुई थी रावण की मृत्यु …

क्या आप जानते हैं किस श्राप की वजह से हुई थी रावण की मृत्यु ...

बुराई पर अच्‍छाई की जीत के प्रतीक के रूप में हर साल शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि के बाद विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है। इस खास दिन पर भगवान राम ने लंकापति रावण का वध किया था और माता सीता को उसकी कैद से छुड़ाया था।

30 सितंबर को विजया दशमी यानि दशहरे का पर्व है। इस दिन भगवान राम ने लंका नरेश राजा रावण का वध कर बुराई पर जीत हासिल कर धर्म की स्‍थापना की थी। रावण के बारे में कई तरह की कहानियां और घटनाएं प्रचलित हैं।

कहा जाता है कि रावण में अपार संयम था और इसी कारण उसने सीता की मर्जी के बिना उन्‍हें कभी छुआ भी नहीं। आज हम आपको रावण से जुड़ी कुछ महत्‍वपूर्ण बातों के बारे में बताते हैं -:

रावण से जुड़ी कुछ महत्‍वपूर्ण बातें

– रावण को कुबेर के पुत्र नलकुबेर ने श्राप दिया था कि यदि रावण ने किसी स्‍त्री को उसकी इच्‍छा के विरुद्ध स्‍पर्श किया तो उसके सिर के सौ टुकड़े हो जाएंगें। यही कारण था कि रावण ने कभी भी सीता माता को उनकी इच्‍छा के विरुद्ध हाथ नहीं लगाया।

– रावण ने अपनी बहन शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए सीता का हरण नहीं किया था। शूर्पणखा से सीता की सुंदरता का वर्णन सुन रावण उनपर मोहित हो गया था और इसी कारण उसने देवी सीता का हरण किया।

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– अपने पति विद्युतजिव्ह का रावण द्वारा वध करने पर शूर्पणखा ने मन ही मन रावण को श्राप दिया था कि उसकी मृत्‍यु का कारण वही बनेंगीं और अंत में ऐसा ही हुआ।

– ये बात मिथ्‍या है कि रावण अपने पूरे जीवन में कभी किसी से नहीं हारा। वह राजा राम के अलावा पाताल लोक के राजा बलि, महिष्मति के राजा कार्तवीर्य अर्जुन, वानरराज बालि और भगवान शिव से युद्ध में हार चुका था।

– किवदंती है कि श्रीराम के लिए रावण ने रामेश्‍वरम् के शि‍वलिंग की स्‍थापना की थी किंतु यह सत्‍य नहीं है। रामेश्‍वरम् लिंग की स्‍थापना समुद्र सेतु बनाने से पूर्व स्‍वयं श्रीराम ने की थी।

दशहरे पर करें ये उपाय

– पैसों की तंगी से परेशान हैं या धन लाभ की कामना रखते हैं तो दशहरे के दिन 11 गोमती चक्रों को लेकर उनकी पूजा करें और हल्‍दी से उनका तिलक करें। अब भगवान शिव का ध्‍यान करें। इन गोमती चक्रों को पीले रंग के कपड़े में बांधकर अपने पूरे घर में घुमायें। इसके पश्‍चात् इन गोमती चक्रों को बहती हुई नदी में प्रवाहित कर दें।

– सुख-समृद्धि की कामना रखते हैं तो दशहरे के दिन एक पीले रंग के वस्‍त्र में 11 गोमती चक्रों को रखकर मां लक्ष्‍मी के सामने रखें और विधिवत पूजन करें। अब इन गोमती चक्रों को अपनी तिजोरी में रख दें। इसके आपके धन में दोगुनी वृद्धि होगी और आय के साधन भी बढ़ेंगें।

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