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कुंडली में बृहस्‍प‍ति के अशुभ प्रभाव का कुछ ऐसा होता है फल, जानें कहीं …

कुंडली में बृहस्‍प‍ति के अशुभ प्रभाव का कुछ ऐसा होता है फल, जानें कहीं ...

बृहस्‍पति को देवताओं का गुरु कहा जाता है। बृ‍हस्‍पति, सूर्य से पांचवा और हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह है। गुरु ग्रह बृहस्‍पति जीवन पर गहरा असर छोड़ते हैं। इस ग्रह की कृपा से धन और समृद्धि की प्राप्ति की जा सकती है। कुंडली में गुरु के अशुभ प्रभाव भी होते हैं।

बृहस्‍पति ग्रह को पीला रंग और पीली वस्‍तुएं बहुत प्रिय हैं। बृहस्‍पति ग्रह को प्रसन्‍न करने के लिए गुरुवार के दिन पीले वस्‍त्र पहनना, पीली वस्‍तुओं का दान करना और घर पर पीले पकवान बनाना शुभ होता है। बृ‍हस्पति के अशुभ प्रभाव में होते हैं जिनके कारण व्‍यक्‍ति को जीवन में कष्‍टों का सामना करना पड़ता है।

अगर आपकी कुंडली में गुरु अशुभ स्‍थान में बैठा है तो वो आपके जीवन में अनेक तरह के कष्‍ट लेकर आएगा। आइए जानते हैं कि कुंडली में बृहस्‍पति के अशुभ प्रभाव क्‍या होते हैं।

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बृहस्‍पति के अशुभ प्रभाव

  • कुंडली में गुरु खराब हो तो उस व्‍यक्‍ति के सिर के बाल उड़ने लगते हैं। इन्‍हें सोने की वस्‍तु के चोरी होन का भय रहता है।
  • गुरु का प्रभाव शिक्षा पर भी पड़ता है इसलिए अगर गुरु खराब है तो जातक की बिना किसी कारण शिक्षा रूक जाती है या फिर उसे मेहनत करने पर भी शिक्षा में अच्‍छे परिणाम नहीं मिल पाते हैं।
  • बृहस्‍पति के अशुभ प्रभाव में आंखों में तकलीफ होना, मकान और मशीनों की खराबी, अनावश्‍यक दुश्‍मन बनना, धोखा होना और सांप के सपने आना जैसी समस्‍याएं आती हैं।
  • सेहत पर भी बृ‍हस्‍पति का अशुभ असर पड़ता है। कुंडली में गुरु कूपित हो तो सांस या फेफड़ों की बीमारी और गले में दर्द रहता है। इसके अलावा बारहवें भाव में बृहस्‍पति के शत्रु ग्रह उसके साथ हों तो बृहस्‍पति मंदा हो जाता है।
  • कुंडली में बृहस्‍पति के अशुभ प्रभाव के कारण घर में क्‍लेश रहता है और लड़ाई-झगड़े चलते रहते हैं। इनके परिवार में हमेशा तनावपूर्ण स्थिति रहती है।
  • इन्‍हें अचानक धन का नुकसान होता है और इनके घर में अचानक ऐसी परिस्थिति उत्‍पन्‍न हो जाती है जिसमें उनके धन का नुकसान होता है और खर्च बढ़ जाता है।

कुंडली में बृहस्‍पति के अशुभ प्रभाव से बचन के उपाय

  • ब्राह्मण और अपने गुरु एवं माता-पिता का सम्‍मान करें।
  • बृहस्‍पति का रत्‍न पुखराज धारण करें। आप इसका उपरत्‍न पीला मोती भी धारण कर सकते हैं। इस रत्‍न के प्रभाव से गुरु की अशुभता में कमी आती है। ऑर्डर करें अभिमंत्रित पुखराज रत्‍न
  • घर से निकलने से पहले माथे पर केसर का तिलक लगाकर निकलें और अपने हाथ पर पीले रंग का रेशमी धागा बांध कर रखें।
  • कुंडली में बैठे कूपित बृहस्‍पति को शांत करने के लिए इस मंत्र का जाप करें – ऊं बृं बृहस्‍पतये नम: