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आपको कंगाल कर देगा पितृ दोष, अभी कर लें ये काम

आपको कंगाल कर देगा पितृ दोष, अभी कर लें ये काम

मनुष्‍य के जन्‍म के समय ग्रहों की स्थिति के अनुकूल जन्‍मकुंडली का निर्माण किया जाता है। आपके जन्‍म के समय ग्रह किस नक्षत्र में थे और उनकी क्‍या स्थिति थी, इसी के आधार पर कुंडली बनती है और कई बार ग्रहों के गोचर करने या अन्‍य ज्‍योतिषीय परिस्थिति में आपकी कुंडली में कोई दोष उभर कर आ सकता है।

इस दोष के कारण आपके जीवन में कई तरह के संकट और समस्‍याएं आती हैं। कुंडली में बनने वाले दोषों में से एक है पितृ दोष जिसे बहुत खतरनाक माना जाता है। आपने भी इस दोष के बारे में सुना या पढ़ा ही होगा।

ज्‍योतिषशास्‍त्र के अनुसार पितृ दोष के कारण इंसान स्‍वयं खुद को बर्बाद कर लेता है और उसके साथ-साथ उसका पूरा परिवार भी सड़क पर आ जाता है।

कब बनता है पितृ दोष

कुंडली के नौवे भाव में सूर्य और राहु की युति बन रही हो तो ऐसे में पितृ दोष बनता है। जिस भी घर में सूर्य और राहु बैठते हैं उस भाव से जुड़े सभी तरह के फल नष्‍ट हो जाते हैं। नवम भाव पिता से भी संबंधित होता है। अगर कुंडली के नवम भाव में क्रूर ग्रह बैठे होंगें तो यह पूर्वजों की अधूरी इच्‍छाओं का सूचक है। इसे ही पितृ दोष कहा जाता है।

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पितृ दोष में मिलते हैं ऐसे कष्‍ट

जैसा कि हमने पहले भी बताया कि पितृ दोष की वजह स जातक स्‍वयं अपने आप को तबाह कर लेता है। इस दोष के प्रभाव में उसकी बुद्धि भ्रष्‍ट हो जाती है। इस दोष से पीडित जातक को हर क्षेत्र में मुसीबत का सामना करना पड़ता है। इन्‍हें पैसों की कमी तो रहती ही है साथ ही ये अपने निजी जीवन में खुश नहीं रह पाते हैं। अपनी गलतियों की वजह से ये खुद को कंगाल बना लेते हैं।

क्‍यों नहीं पहनना चाहिए रत्‍न

आपने हर प्रकार के दोष या ग्रह बाधा को दूर करने के लिए रत्‍न धारण करने की सलाह के बारे में तो सुना ही होगा और कई बार आपने ऐसा किया भी होगा लेकिन आपको बता दें कि पितृ दोष के मामले में रत्‍न सर्वोत्तम। है है रत्‍नों को ग्रहों को प्रबल करने और उन्‍हें मजबूती प्रदान करने के लिए धारण किया जाता है जबकि पितृ दोष में ग्रहों को प्रसन्‍न करने के अलावा अपने पित्रों को भी प्रसन्‍न करना जरूरी होता है। अगर आपके पित्तर प्रसन्‍न रहेंगें तो ये दोष अपने आप ही दूर हो जाएगा।

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पितृ दोष पूजा है सर्वोत्तम उपाय

जी हां, पितरो को प्रसन्‍न करने का सबसे सरल और सर्वोत्तम उपाय है पूजा। पूजा के दौरान आपके पित्तरों का नाम लिया जाता है और उनकी अधूरी इच्‍छाओं की पूर्ति के लिए मंत्र आदि का उच्‍चारण भी किया जाता है। अगर आप पितृ दोष की पूजा करवाएं तो आपको शीघ्र अति शीघ्र इस दोष के प्रभाव से छुटकारा मिल सकता है।

आप पं. सूरज शास्‍त्री से भी पितृ दोष निवारण पूजा करवा सकते हैं। इस पूजा हेतु आपका नाम, आपके पिता का नाम और आपके पूर्वजों का नाम लेना जरूरी होता है, तभी इस दोष से आपको मुक्‍ति मिल सकती है। अगर आप भी कंगाल होने से पहले इस दोष से मुक्‍ति पाना चाहते हैं तो तुरंत इस नंबर पर कॉल करके पूजा के लिए शुभ मुहुर्त बुक करें: 8285282851

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